Top [100+] Best Gulzar Shayari in Hindi | Gulzar Quotes | गुलज़ार शायरी 2022

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गुलज़ार साहब को कौन नहीं जानता 

इनका एक नाम सम्पूर्ण सिंह कालरा है इनका जन्म 18 अगस्त 1934 में दीना गॉव में  हुआ था ये एक प्रसिद्ध लेखक, कवि, पटकथा और शायर भी है I गुलज़ार साहब को साहित्य अकडेमी पुरस्कार के साथ साथ भारत सरकार के द्वारा तीसरा सर्वोच्यम नागरिक पुरस्कार से सम्मनित किया गया है इसके साथ – साथ और भी कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है I

गुलज़ार साहब शायरी की दुनिया में भी उतना ही नाम कमा चुके है जितना उन्होंने गाने फिल्मो आदि में कमाया है I गुलज़ार साहब ने कई भाषाओ में लेखन कार्य कर चुके है जैसे हिंदी, उर्दू, पंजाबी, ब्रज भाषा, हरियाणवी, मारवाड़ी आदि I

लेखन दुनिया से पहले गुलज़ार जी मुंबई में मेकैनिक का काम किया उन्होंने खाली समय में कविताये भी लिखी  है जिसके बाद बन्दिनी फिल्म में गुलज़ार साहब ने अपना पहला गाना लिखा I इसी  के साथ उनकी प्रसिद्ध किताब है चौरस रात ( लघु कथा) जानम (कविता) एक बून्द चाँद ( कविताएं) रावी पार (कथा ) आदि 

Gulzar Shayari in Hindi |

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एक समंदर है जो मेरे काबू में है
और एक कतरा है जो
मुझसे सम्हाला नहीं जाता
एक उम्र है जो बितानी है
उसके बगैर
और एक लम्हा है जो
मुझसे गुज़ारा नहीं जाता

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Gulzar Shayari in Hindi

रात भर
करता रहा
तेरी तारीफ
चाँद से
चाँद
इतना जला के
सुबह तक सूरज हो गया

gulzar sahab shayari in hindi 2

कहाँ से लाऊ में इतना सब्र
थोड़े से मिल क्यों नहीं जाते तुम

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Gulzar Shayari in Hindi

कुछ ऐसे किस्मत वाले है
की जिनकी किस्मत होती नहीं
हसना भी मना होता है उन्हें
रोने की इज़ाज़त होती नहीं
बेनाम सा मौसम जीते है
बेरंग फ़ज़ा मिल जाती है
मरने की घड़ी मिलती है अगर
जीने की सजा मिल जाती है

gulzar sahab shayari in hindi 4

बुझ जाएँगी सारी आवाजें
यादे यादें रह जाएँगी
तस्वीर बचेंगी आँखों में
और बातें सब बह जाएँगी

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उम्र जाया कर दी
लोगो ने औरो के
वजूद में नुक्स
निकालते –
निकालते
इतना खुद को
तराशा होता तो
फ़रिश्ते बन जाते

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Gulzar Shayari in Hindi

इतना क्यों सिखाये
जा रही हो ज़िन्दगी
हमें कौन सा सदियाँ
गुज़ारनी है यहाँ

gulzar sahab shayari in hindi 7

अजीब तरह से
गुज़र रही है ज़िन्दगी
सोचा कुछ, किया कुछ
हुआ कुछ , मिला कुछ

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Gulzar Shayari in Hindi

अगर बे -ऐब चाहते हो तो
फ़रिश्तो से रिश्ता कर लो
मैं इंसान हूँ ख़ताएँ
मेरी विरासत है

gulzar sahab shayari in hindi 9

इच्छाएं
बड़ी बेवफा होती है
कमब्खत ,
पूरी होते ही
बदल जाती है

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Gulzar Shayari in Hindi

खत जो लिखा मैंने
इंसानियत के पते पर
डाकिया ही चल बसा
पता ढूंढते – ढूंढते

gulzar sahab shayari in hindi 11

सब अपने से
लगते है ,
लेकिन सिर्फ
बातो से। ……..

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Gulzar Shayari in Hindi

मैं तो चाहता हूँ
हमेशा मासूम बने रहना
ये जो ज़िन्दगी है
समझदार किये जाती है

gulzar sahab shayari in hindi 13

याद दाश का कमजोर होना
कोई बुरी बात नहीं
बहुत बैचैन रहते है वो लोग
जिन्हे हर बात याद रहती है

gulzar sahab shayari in hindi 14

सबको मालूम है बाहर की
हवा है कातिल
यूँ कातिल से उलझने की
ज़रूरत क्या है

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Gulzar Shayari in Hindi

धुप उठा ले
लम्बा सफर है
काम देगी छाँव भी रख ले
थकने लगेगा तो आराम देगी

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सिर्फ शब्दों से करना
किसी के वज़ूद के पहचान
हर कोई उतना कह नहीं पाता
जितना समझता और महसूस करता है

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