[100+] Best Rahat Indori Shayari in Hindi: राहत इंदौरी शायरी 2022

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(डॉक्टर राहत इंदौरी जी का जन्म 1 जनवरी 1950 को इंदौर में रफ्तुल्लाह कुरैशी और मकबूल उन निशा बेगम के यहां हुआ था । राहत जी ने अपनी शुरुवाती ज़िन्दगी में कई कष्ट उठाए है उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी ।राहत इंदौरी जी ने 10 साल के उम्र में ही साइन चित्रकारी का काम शुरू कर दिया था ।

इस्लामिया करिमिया कॉलेज इंदौर से 1973 में अपनी स्नातक कि पढ़ाई की । आगे चलकर शुरुवाती दौर में इंद्रकुमार कॉलेज इंदौर में उर्दू साहित्य का अध्यापन कार्य शुरू किया ।

राहत इंदौरी जी उर्दू शायर थे साथ ही साथ एक गीतकार भी थे ।

लेकिन कोरोनाकाल में राहत जी कोरोनावायरस की चपेट में आ गए थे जिससे 11 अगस्त 2020 को उनका निधन हो गया । )

Rahat Indori Best Shayari in Hindi | राहत इंदौरी दोस्ती शायरी

Rahat Indori Shayari in Hindi
राहत इंदौरी दोस्ती शायरी

मैंने अपनी खुश्क आँखों से लहू छलका दिया,
इक समंदर कह रहा था मुझको पानी चाहिए

Rahat Indori Shayari in Hindi
Rahat Indori Best Shayari

नए किरदार आते जा रहे हैं
मगर नाटक पुराना चल रहा है

Rahat Indori Shayari in Hindi

मैं आखिर कौन सा मौसम
तुम्हारे नाम कर देता
यहां हर एक मौसम को
गुज़र जाने कि जल्दी थी

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Rahat Indori Shayari in Hindi
राहत इंदौरी दोस्ती शायरी

बोतलें खोल कर तो पी बरसो
आज दिल खोल कर भी पी जाए

Rahat Indori Shayari in Hindi
Rahat Indori Best Shayari

सूरज सितारे चांद मेरे सात में रहे
जब तक तुम्हारे हात्त मेरे हाथ में रहे

Rahat Indori Shayari in Hindi
दोस्ती शायरी राहत इंदौरी

दोस्ती जब किसी से को जाए
दुश्मनों की भी राय ली जाए

Rahat Indori Shayari in Hindi
Rahat Indori Shayari in Hindi

सरहदों पर तनाव है क्या
ज़रा पता करो चुनाव है क्या
शहरों में तो बारुदो का मौसम है
गांव चलो अमरूदों का मौसम है

Rahat Indori Shayari in Hindi
Rahat Indori Shayari in Hindi

मैं आ कर दुश्मनों में बस गया हूं
यहां हमदर्द है दो चार मेरे

Rahat Indori Shayari in Hindi
Best Shayari Rahat Indori

मिरी ख्वाहिश है कि
आंगन में न दीवार उठे मिरे
भाई मेरे हिस्से की जमी तू रख ले

Rahat Indori Shayari in Hindi
Best Shayari of Rahat Indori

दोस्ती जब किसी से की जाये
दुश्मनों की भी राय ली जाए
बोतलें खोल के तो पि बरसों
आज दिल खोल के पि जाए

Rahat Indori Shayari in Hindi
Shayari by Rahat Indori

अगर अनारकली हैं सबब बगावत का
सलीम हम तेरी शर्ते कबूल करते हैं

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