[100+] Best Javed Akhtar Shayari in Hindi | जावेद अख्तर शायरी 2022

Best Javed Akhtar Shayari in Hindi | Javed Akhtar Quotes in Hindi | जावेद अख्तर शायरी

100+ Javed Akhtar Shayari in Hindi

Javed Akhtar Shayari in Hindi

दर्द के फूल भी खिलते है
बिखर जाते है जख्म कैसे भी हो
कुछ रोज़ में भर जाते है

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Shayari in Hindi

बंध गई थी दिल में कुछ उम्मीद सी
ख़ैर तुम ने जो किया अच्छा किया

Javed Akhtar Shayari in Hindi
जावेद अख्तर शायरी

दिल को घेरे है
रोजगार के गम
रद्दी में खो गयी
किताब कोई

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Quotes in Hindi

जब आईना तो देखो इक अजनबी देखो
कहां पे लाई है तुमको ये ज़िंदगी देखो

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Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Shayari in Hindi

कभी जो ख़्वाब था वो पा लिया है
मगर जो खो गई वो चीज़ क्या थी

Javed Akhtar Shayari in Hindi
जावेद अख्तर शायरी

जाते जाते वो मुझे अच्छी निशानी दे गया
उम्र भर दोहराएंगे ऐसी कहानी दे गया
उस से मैं कुछ पा सकू ऐसी कहाँ उम्मीद थी
ग़म भी शायद बराए मेहरबानी दे गया
खैर मैं प्यासा रहा पर उसने इतना तो किया
मेरी पलकों की कितरों को वो पानी दे गया

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Shayari in Hindi

दर्द अपनाता है पराए कौन
कौन सुनता है और सुनाए कौन
कौन दोहराए वो पुरानी बात
ग़म अभी सोया है जगाए कौन
वो जो अपने हैं क्या वो अपने हैं
कौन दुख झेले आज़माए कौन

Javed Akhtar Shayari in Hindi

अगर दुसरो के जोर पर
उड़कर दिखाओगे
तो अपने पैरो से उड़ने
की हुनर भूल जाओगे

Javed Akhtar Shayari in Hindi

सँवरना ही है तो किसी की नजरों में संवरिये,
आईने में खुद का मिजाज नहीं पूछा करते

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Shayari in Hindi

जो भी मैंने काम किया है
वो मेने दिल के करीब से ही किया है
जो काम मेरे दिल के करीब नहीं था,
उसको मैंने कभी किया ही नहीं।

Javed Akhtar Shayari in Hindi
जावेद अख्तर शायरी

हंसती आंखो में झांककर देखो
कोई आंसू नहीं छुपा होगा

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Shayari in Hindi

अक्ल ये कहती है दुनिया
मिलती है बाजार में
दिल मगर ये कहता है कुछ
और बेहतर देखिए

Javed Akhtar Shayari in Hindi
जावेद अख्तर शायरी

बहाना ढूंढते रहते है रोने का
हमे ये शौक है क्या आस्तीन भिगोने का
अगर पलक पर है मोती तो ये नही काफ़ी
हुनर भी चाहिए अल्फाज में पिरोने का
जो फसल ख्वाब की तैयार की है तो ये जानो
की वक्त आ गया फिर दर्द कोई बोने का
ये जिंदगी भी अजब कारोबार है
की मुझे खुशी है पाने की कोई रंज ना खोने का
है चकनाचूर फिर भी मुस्कुराता है
वो चेहरा जैसे हो टूटे हुए खिलोने का

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Shayari in Hindi

तब हम दोनो वक्त चुका कर लाते थे
अब मिलते है जब भी फुर्सत होती है ।

Javed Akhtar Shayari in Hindi

अगर लहरों को है दरिया में रहना
तो उनको होगा अब चुपचाप जाना

Javed Akhtar Shayari in Hindi
जावेद अख्तर शायरी

हमको तो बस तलाश नए रास्तों की है
हम है मुसाफिर ऐसे जो मंजिल में। आए है ।

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Shayari in Hindi

तुम फुजूल बातो का दिल पर बोझ मत लेना
हम तो खैर कर लेंगे जिंदगी बसर तन्हा

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Quotes in Hindi

जो भी मैंने काम किया है,
वो मेने दिल के करीब से ही किया है।
जो काम मेरे दिल के करीब नहीं था,
उसको मैंने कभी किया ही नहीं।

Javed Akhtar Shayari in Hindi
जावेद अख्तर शायरी

उनकी चिरागो में तेल ही कम था
क्यों गिला फिर हम हवा से करे
हमको उठना तो मुंह अंधेरे था
लेकिन एक ख्वाब हमको घेरे था

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Shayari in Hindi

अगर आप जिंदा हैं तो
आपको वक्त के साथ बदलना चाहिए।

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Quotes in Hindi

सपना कभी साकार नहीं होता
मोहब्बत का कभी आकार नही होता
सब कुछ हो जाता है इस दुनिया में
मगर दोबारा किसी से प्यार नहीं होता

Javed Akhtar Shayari in Hindi
जावेद अख्तर शायरी

इश्क और सुबह की चाय
दोनो एक समान होती है
एक बार वही नयापन
एक बार वही ताज़गी

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Shayari in Hindi

ये दुनिया भर के झगड़े
घर के किस्से काम की बाते
बला हर एक टल जाए
अगर तुम मिलने आ जाओ

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Quotes in Hindi

अहसान करो तो दुआओं में। मेरी मौत मांगना
अब जी भर गया है जिंदगी से
एक छोटे से सवाल पर इतनी खामोशी क्यों
बस इतना ही पूछा था कभी वफा की किसी से

Javed Akhtar Shayari in Hindi
जावेद अख्तर शायरी

किसी को क्या बताए की कितना मजबूर हूं
चाहा था सिर्फ एक तुमको और तुमसे ही दूर हूं
काश कोई हम पर भी इतना प्यार जताती
पीछे से आकर वो हमारे आंखो को छुपाती

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Shayari in Hindi

झूठे इल्जाम मेरी जान
लगाया ना करो
दिल है नाजुक इसे तुम
ऐसे दुखाया ना करो

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Quotes in Hindi

क्यूं है ? कब तक है ? किस की खातिर है
बड़े संजीदा मसले है हम

Javed Akhtar Shayari in Hindi
जावेद अख्तर शायरी

हंसती आंखों में झांककर देखो
कोई आंसू कही छुपा होगा

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Shayari in Hindi

काटों का भी अहसान अदा कीजिए हुजूर
कई बार फूलो की लाज बचाई होगी

Javed Akhtar Shayari in Hindi
जावेद अख्तर शायरी

में और मेरी तनहाई अक्सर ये बात करती है
तुम होती तो कैसा होता

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Quotes in Hindi

मुझे गम है की मैंने
ज़िन्दगी में कुछ नहीं पाया
यह गम दिल से निकल जाये
अगर तुम मिलने आ जाओ

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Shayari in Hindi

अक्सर वो कहते है वो मेरे है
अक्सर वो क्यों कहते है हैरत होती है

Javed Akhtar Shayari in Hindi
जावेद अख्तर शायरी

खुदगर्ज बना देती है तलब की शिद्धत भी
प्यासे को कोई दूसरा प्यासा नहीं लगता

Javed Akhtar Shayari in Hindi

चलो तुम रास्ते खोजो बिछड़ने के
हम माहौल पैदा करते है मिलने के

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Shayari in Hindi

इस शहर में जीने के अंदाज़ निराले है
होठो पे लतीफे है आवाज़ में छाले है

Javed Akhtar Shayari in Hindi
जावेद अख्तर शायरी

जब आइना देखो इक अजनबी देखो
कहाँ पे लाई है तुम ये ज़िन्दगी देखो

Javed Akhtar Shayari in Hindi

कुछ कमी अपनी वफाओं में भी थी
तुमसे क्या कहते तुमने क्या किया

Javed Akhtar Shayari in Hindi

संवरना है तो किसी के नज़रो में सवरिये
आइना में खुद का मिजाज़ पूछा नहीं करते

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Shayari in Hindi

कभी जो ख्वाब था वो पा लिया है
मगर जो खो गयी वो चीज़ क्या थी

Javed Akhtar Shayari in Hindi
जावेद अख्तर शायरी

मुझे मायूस भी करती नहीं है
यह आदत तेरी अच्छी नहीं है

Javed Akhtar Shayari in Hindi

डर हमको लगता है रास्ते के सन्नाटे से
लेकिन एक सफर पर ए दिल अब जाना होगा

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Quotes in Hindi

अभी जमीर में थोड़ी सी जान बाकी है
अभी हमारा कोई इम्तिहान बाकी है
हमारे घर को तो उजड़े हुए जमाना हुआ
मगर सुना है अभी वो मकान बाकी है

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Shayari in Hindi

ऊंची इमारतों से मकान मेरा गिर गया
कुछ लोग मेरे हिस्से का सूरज भी खा गए

Javed Akhtar Shayari in Hindi

मेरी बुनियादों में कोई टेड थी
अपनी दीवारों को क्या इल्जाम दूं

Javed Akhtar Shayari in Hindi

अपनी वजहें बर्बादी सुनिए तो मजे की है
जिंदगी से यूं खेले जैसे दूसरे की है

Javed Akhtar Shayari in Hindi

ऐ सफर इतना बेकार तो ना जा
ना हो मंजिल कहीं तो पहुंचा दे

Javed Akhtar Shayari in Hindi
Javed Akhtar Shayari in Hindi

कोई शिकवा न गम न कोई याद
बैठे बैठे बस आंख भर आई

Javed Akhtar Shayari in Hindi

आगही से मिली है तन्हाई
आ मेरी जान मुझ को धोका दे

Javed Akhtar Shayari in Hindi

खुला है दर प तिरा इंतजार जाता रहा
खुलुस तो है मगर एतबार जाता रहा

Javed Akhtar Shayari in Hindi

खून से सिंची है मैने जो जमीं मर मर के
वो जमीं एक सितम गर ने कहा उसकी है

Javed Akhtar Shayari in Hindi 50
Javed Akhtar Quotes in Hindi

याद उसे भी एक
अधूरा अफसाना तो होगा
कल रास्ते में उसने हमको
पहचाना तो होगा

Javed Akhtar Shayari in Hindi 51
Javed Akhtar Shayari in Hindi

बुलंदी पर उन्हें
मिट्टी की खुशबू तक नहीं आती
ये वो शाखे है जिनको अब शहर
अच्छा नही लगता

Javed Akhtar Shayari in Hindi 52

जब आईना देखो एक अजनबी देखो
कहां पे ले आई तुमको ये जिंदगी देखो

Javed Akhtar Shayari in Hindi 53

सब का खुशी से फासला एक कदम है
हर घर में बस एक ही कमरा कम है ।

Javed Akhtar Shayari in Hindi 54
Javed Akhtar Shayari in Hindi

खुश शक्ल भी है ये अलग बात है
मगर हमको जाहिल लोग हमेशा अजीज थे

Javed Akhtar Shayari in Hindi 55

जिधर जाते है जाना उधर अच्छा नही लगता
मुझे पामाल रास्तों का सफर अच्छा नही लगता
गलत बातो को खामोशी से सुनना हामी भर लेना
बहुत है फायदे इसमें मगर अच्छा नही लगता

Javed Akhtar Shayari in Hindi 56

झूठे इल्जाम मेरी जान लगाया ना करो
दिल है नाजुक इसे तुम ऐसे दुखाया ना करो

Javed Akhtar Shayari in Hindi 57

तुम्हारे पास तो फिर भी तुम हो
मेरे पास तो अब मैं भी नही

Javed Akhtar Shayari in Hindi 58
Javed Akhtar Shayari in Hindi

ओ निहार एक किस्सा है दुनिया के वास्ते
फरहाद ने तराशा था खुद को छत्ताओ पर

Javed Akhtar Shayari in Hindi 59
Javed Akhtar Quotes in Hindi

अगर फलक में है मोती तो ये नही काफ़ी
हुनर भी चाहिए अल्फाज में पिरोने का

Javed Akhtar Shayari in Hindi 60

दिलों में तुम अपनी
बेताबियां लेके चल रहे हो
तो जिंदा हो तुम
नजर में ख्वाबों की
बिजलियां ले के चल रहे हो

Javed Akhtar Shayari in Hindi 61

आज फिर दिल ने एक तमन्ना की
आज फिर दिल को हमने समझाया
जिंदगी धूप तुम घना साया

Javed Akhtar Shayari in Hindi 62
Javed Akhtar Shayari in Hindi

तुम्हे भी याद नहीं में भी भूल गया
वो लम्हा कितना हसीन था मगर फिजूल गया

Javed Akhtar Shayari in Hindi 63

गिन गिन के सिक्के हाथ मेेरा खुदरा हुआ
जाती रही वो स्पर्श की नरमी बुरा हुआ

Javed Akhtar Shayari in Hindi 64

एक वही शख्स मुझे याद आ रहा है
जिसको चाहा था भूल जाऊं मैं

Javed Akhtar Shayari in Hindi 65
Javed Akhtar Shayari in Hindi

तुम फुजूल बातों का दिल में बोझ मत लेना
हम तो खैर कर लेंगे जिंदगी बसर तन्हा

Javed Akhtar Shayari in Hindi 66

बदन में कैद खुद को पा रहा हूं
बड़ी तन्हाई है घबरा रहा हूं

Javed Akhtar Shayari in Hindi 67

ठीक लिखा था मेरे हाथों के लकीरों में
तू अगर प्यार करेगा तो बिखर जायेगा।

Javed Akhtar Shayari in Hindi 68
Javed Akhtar Shayari in Hindi

कुछ बातों के मतलब है कुछ मतलब की बातें
जो ये फर्क समझ लेगा वो दीवाना तो होगा ।

Javed Akhtar Shayari in Hindi 69
Javed Akhtar Quotes in Hindi

यही हालात इब्तिदा से रहें
लोग हम से खफा से रहे

Javed Akhtar Shayari in Hindi 69 1

आज मैंने अपना फिर सौदा किया
और में फिर दूर से देखा किया
जिंदगी भर मेरे काम आए असूल
एक एक करके मैंने उन्हें बेचा किया

Javed Akhtar Shayari in Hindi 70

वो सांप छोड़ दे डसना
ये मैं भी कहता हूं
मगर न छोड़ेंगे लोग उसको
गर न फुंकारा

Javed Akhtar Shayari in Hindi 71

यह जो घेर सन्नाटे है
वक्त ने सबको जी बनाते है
थोड़ा घूम है सबका किस्सा
थोड़ा धूप है सबका हिस्सा
आंख तेरी बेकार ही नम है
हर पल एक नया मौसम है
क्यों तू ऐसे पल खोता है
दिल आखिर तू क्यों रोता है।

Javed Akhtar Shayari in Hindi 72

आओ न मोहब्बत के नगमे
फिर से आंखो के सिलवटो पर रखते है।

Javed Akhtar Shayari in Hindi 73

तू गुजर जाए करीब से
वो भी मुलाकात से कम नही

Javed Akhtar Shayari in Hindi 74

उस दरीचे में भी अब कोई नहीं और हम भी
सर झुकाए हुए चुप-चाप गुज़र जाते हैं

Javed Akhtar Shayari in Hindi 75

ग़ैरों को कब फ़ुर्सत है दुख देने की
जब होता है कोई हमदम होता है

Javed Akhtar Shayari in Hindi 76

उस के बंदों को देख कर कहिए
हम को उम्मीद क्या ख़ुदा से रहे

Javed Akhtar Shayari in Hindi 77

मैं बचपन में खिलौने तोड़ता था
मिरे अंजाम की वो इब्तिदा थी

Javed Akhtar Shayari in Hindi 78

मुझे मायूस भी करती नहीं है
यही आदत तिरी अच्छी नहीं है

Javed Akhtar Shayari in Hindi 79
Javed Akhtar Quotes in Hindi

नेकी इक दिन काम आती है हम को क्या समझाते हो
हम ने बे-बस मरते देखे कैसे प्यारे प्यारे लोग

Javed Akhtar Shayari in Hindi 80

फिर ख़मोशी ने साज़ छेड़ा है
फिर ख़यालात ने ली अंगड़ाई

Javed Akhtar Shayari in Hindi 81

ख़ून से सींची है मैं ने जो ज़मीं मर मर के
वो ज़मीं एक सितम-गर ने कहा उस की है

Javed Akhtar Shayari in Hindi 82

अगर पलक पे है मोती तो ये नहीं काफ़ी
हुनर भी चाहिए अल्फ़ाज़ में पिरोने का

Javed Akhtar Shayari in Hindi 83

डर हम को भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से
लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा

Javed Akhtar Shayari in Hindi 84

दुख के जंगल में फिरते हैं कब से मारे मारे लोग
जो होता है सह लेते हैं कैसे हैं बेचारे लोग

Javed Akhtar Shayari in Hindi 85
Javed Akhtar Quotes in Hindi

है पाश पाश मगर फिर भी मुस्कुराता है
वो चेहरा जैसे हो टूटे हुए खिलौने का

Javed Akhtar Shayari in Hindi 86

एक ये दिन जब अपनों ने भी हम से नाता तोड़ लिया
एक वो दिन जब पेड़ की शाख़ें बोझ हमारा सहती थीं

Javed Akhtar Shayari in Hindi 87

तुम ये कहते हो कि मैं ग़ैर हूँ फिर भी शायद
निकल आए कोई पहचान ज़रा देख तो लो

Javed Akhtar Shayari in Hindi 88

बढ़ के तूफ़ान को आग़ोश में ले ले अपनी
डूबने वाले तिरे हाथ से साहिल तो गया

Javed Akhtar Shayari in Hindi 89

जो तूफ़ानों में पलते जा रहे हैं
वही दुनिया बदलते जा रहे हैं

Javed Akhtar Shayari in Hindi 90

सदा एक ही रुख़ नहीं नाव चलती
चलो तुम उधर को हवा हो जिधर की

Javed Akhtar Shayari in Hindi 91

शह-ज़ोर अपने ज़ोर में गिरता है मिस्ल-ए-बर्क़
वो तिफ़्ल क्या गिरेगा जो घुटनों के बल चले

Javed Akhtar Shayari in Hindi 92

ये कह के दिल ने मिरे हौसले बढ़ाए हैं
ग़मों की धूप के आगे ख़ुशी के साए हैं

Javed Akhtar Shayari in Hindi 93

हम को मिटा सके ये ज़माने में दम नहीं
हम से ज़माना ख़ुद है ज़माने से हम नहीं

Javed Akhtar Shayari in Hindi 94

इन्ही ग़म की घटाओं से ख़ुशी का चाँद निकलेगा
अँधेरी रात के पर्दे में दिन की रौशनी भी है

Javed Akhtar Shayari in Hindi 95

अब हवाएँ ही करेंगी रौशनी का फ़ैसला
जिस दिए में जान होगी वो दिया रह जाएगा

Javed Akhtar Shayari in Hindi 96

अपना ज़माना आप बनाते हैं अहल-ए-दिल
हम वो नहीं कि जिन को ज़माना बना गया

Javed Akhtar Shayari in Hindi 97

अभी से पाँव के छाले न देखो
अभी यारो सफ़र की इब्तिदा है

Javed Akhtar Shayari in Hindi 98

वक़्त की गर्दिशों का ग़म न करो
हौसले मुश्किलों में पलते हैं

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